नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की एक तीखी रिपोर्ट में कल्याण मंत्रालय, जिसके मंत्री याकोब मार्गि हैं, पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, मंत्रालय ने युद्ध के दौरान हाशिए पर खड़े लोगों की उपेक्षा की। डेटा सिंक्रोनाइज़ेशन की कमी और स्वीकृत पदों को खाली छोड़ देने के कारण मंत्रालय की प्रतिक्रिया अपर्याप्त रही। रिपोर्ट में विशेष रूप से सामाजिक परिधि में रहने वाले लोगों के लिए अपर्याप्त सहायता पर प्रकाश डाला गया है। CAG ने मंत्रालय की कार्यप्रणाली में गंभीर कमियों को उजागर किया है, जिससे प्रभावित आबादी को पर्याप्त सहायता नहीं मिल पाई। यह रिपोर्ट मंत्रालय की तैयारियों और प्रतिक्रिया तंत्र पर सवाल उठाती है। इस आलोचनात्मक मूल्यांकन से मंत्रालय पर सुधार करने का दबाव बढ़ेगा।