एक व्यक्ति, जो सामाजिक सहायता पर था, ने 45,000 यूरो की राशि धोखे से छह विभिन्न देशों में स्थित खातों में भेजी और अदालत में दोषी पाया गया। यह राशि उसने अपने गृह देश, अफगानिस्तान के साथ-साथ सऊदी अरब, पाकिस्तान, सर्बिया, ग्रीस और तुर्की को भेजी थी। अदालत ने माना कि उसने सामाजिक सहायता का दुरुपयोग किया। हालांकि, अदालत ने उसे जेल की सजा देने के बजाय अन्य दंड दिए। मामले की सुनवाई में यह तथ्य सामने आया कि उसने अवैध रूप से धन भेजा था जबकि वह सरकारी सहायता प्राप्त कर रहा था। यह मामला वित्तीय अपराध और सामाजिक सहायता प्रणाली के दुरुपयोग से संबंधित है। अदालत का फैसला इस बात पर प्रकाश डालता है कि वित्तीय अपराधों के लिए दंड की गंभीरता कई कारकों पर निर्भर करती है।
