नए विश्व धन नामक अनुसंधान कंपनी के अनुसार, 2025 में 140,000 से अधिक करोड़पतियों ने अपना निवास स्थान बदला, जो एक रिकॉर्ड संख्या है। अनुमान है कि इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 165,000 तक पहुँच सकती है। पहले, कर लाभ जैसे कारणों से अमीर लोग प्रवास करते थे, लेकिन अब सुरक्षा और राजनीतिक अनिश्चितता मुख्य कारक बन गए हैं। यह पलायन वैश्विक स्तर पर हो रहा है, और यह दर्शाता है कि दुनिया भर में धनी लोग अपनी संपत्ति और जीवन की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रवृत्ति आने वाले वर्षों में भी जारी रहने की संभावना है। राजनीतिक और आर्थिक अस्थिरता वाले देशों से पलायन बढ़ रहा है, जबकि स्थिर और सुरक्षित देशों में करोड़पतियों की संख्या बढ़ रही है। यह वैश्विक धन वितरण पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।