भारत में इस वर्ष मानसून कमजोर रहा है, और अब तक औसत से लगभग 43% कम वर्षा हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी सप्ताह (2 जुलाई तक) में भी बारिश की संभावना कम है। इस स्थिति को देखते हुए, भारत सरकार ने कुछ कृषि क्षेत्रों में संभावित सूखे के प्रभाव को कम करने के लिए आपातकालीन योजनाएँ बनाना शुरू कर दिया है। इन योजनाओं में सिंचाई परियोजनाओं को प्राथमिकता देना और किसानों को वैकल्पिक फसलें उगाने के लिए प्रोत्साहित करना शामिल है। सरकार का ध्यान उन क्षेत्रों पर अधिक है जहाँ मानसून की बारिश पर निर्भरता अधिक है। कृषि मंत्रालय स्थिति की लगातार निगरानी कर रहा है और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त कदम उठाने के लिए तैयार है। कमजोर मानसून के कारण खाद्य उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है, जिसके चलते सरकार ने खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।