वाशिंगटन रूस के प्रति अपनी नीति में नरमी बरत रहा है, वहीं यूरोप ने जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। यूरोपीय संघ रूस के सैन्य उद्योग पर सबसे बड़ा प्रतिबंध पैकेज लाने की तैयारी कर रहा है, जिसे अगले दो दिनों में पारित किया जा सकता है। यह प्रतिबंध पैकेज रूस के रक्षा उद्योग को लक्षित करता है, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक्स भी शामिल हैं। इस कदम का उद्देश्य रूस की युद्ध क्षमता को कमजोर करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि ये प्रतिबंध रूस की अर्थव्यवस्था पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालेंगे। यह पैकेज रूस-यूक्रेन युद्ध के संदर्भ में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है और यूरोपीय संघ के मजबूत रुख को दर्शाता है। इस प्रतिबंध से रूस के रक्षा क्षेत्र पर काफी दबाव पड़ेगा।