रूस में युद्ध की वजह से बजट पर गहरा असर पड़ रहा है। सरकार सेना पर खर्च बढ़ा रही है, जिसके कारण सामाजिक क्षेत्र में कटौती हो रही है। यह कदम रूस की अर्थव्यवस्था और नागरिकों के जीवन स्तर पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव रूस की दीर्घकालिक विकास संभावनाओं को भी प्रभावित करेगा। सेना पर बढ़ते खर्च का मतलब है कि शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य महत्वपूर्ण सामाजिक सेवाओं के लिए कम धन उपलब्ध होगा। यह स्थिति रूस में सामाजिक असमानता को बढ़ा सकती है। सरकार का यह निर्णय युद्ध को जारी रखने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है, भले ही इसकी कीमत नागरिकों को चुकानी पड़े।