अमेरिकी शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिसके मुख्य कारण ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव तथा तेल की कीमतों में उछाल रहे। डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 50,000 अंकों के स्तर से नीचे चला गया। बाजार में निवेशकों द्वारा भारी मात्रा में शेयर बेचे गए, खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और माइक्रोचिप कंपनियों के शेयरों में। मुद्रास्फीति के आंकड़े भी बाजार में गौण साबित हुए, क्योंकि भू-राजनीतिक जोखिमों ने निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया। विश्लेषकों का मानना है कि ईरान-अमेरिका तनाव बढ़ने से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इस गिरावट से निवेशकों को भारी नुकसान हुआ है और बाजार में अनिश्चितता का माहौल है। तेल की कीमतों में वृद्धि ने भी ऊर्जा क्षेत्र को प्रभावित किया है।