सुबह की पहली किरण के साथ ही स्वयंसेवकों की एक टीम घास के मैदानों में जुट जाती है। उनका मुख्य उद्देश्य ऊंची घास में छिपे हिरण के बच्चों को खोजना और उन्हें सुरक्षित बचाना है। इस अभियान में आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, जिसमें थर्मल विजन से लैस ड्रोन शामिल हैं। ये ड्रोन घास के बीच छिपे छोटे जानवरों की सटीक पहचान करने में मदद करते हैं। यह बचाव कार्य बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि जल्द ही इन मैदानों में घास काटने वाली मशीनें आने वाली हैं। यदि समय रहते बच्चों को नहीं निकाला गया, तो मशीनों की चपेट में आने से उनकी मृत्यु निश्चित है। इस प्रकार, तकनीक और मानवीय संवेदनाओं के मेल से वन्यजीवों का संरक्षण किया जा रहा है।
