वोक्सवैगन के आंतरिक सर्वेक्षण में शीर्ष अधिकारियों ने चिंता व्यक्त की है। यूरोप की सबसे बड़ी वाहन निर्माता कंपनी के निदेशक मंडल और पर्यवेक्षी बोर्ड के सदस्यों के बीच किए गए एक सर्वेक्षण से पता चला है कि कंपनी एक अस्तित्वगत खतरे का सामना कर रही है। 'मैनेजर मैगज़ीन', 'स्पiegel' और 'वेल्ट' की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के एक महत्वपूर्ण हिस्से का मानना है कि चीनी और अमेरिकी कंपनियों की रणनीतियों के कारण वोक्सवैगन का भविष्य खतरे में है। सर्वेक्षण में यह भी संकेत मिलता है कि वोक्सवैगन अपनी प्रतिस्पर्धात्मकता खो रहा है। कंपनी के भीतर इस स्थिति को लेकर गंभीर चर्चाएँ चल रही हैं और भविष्य के लिए नई रणनीतियों पर विचार किया जा रहा है। यह स्थिति वोक्सवैगन के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है।
