वोक्सवैगन पर यूरोपीय संघ द्वारा भारी जुर्माने का खतरा मंडरा रहा है क्योंकि कंपनी पर्याप्त संख्या में इलेक्ट्रिक वाहन बेचने में विफल रही है। इसके परिणामस्वरूप, यूरोपीय संघ द्वारा निर्धारित कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन की सीमाएं पूरी नहीं हो पा रही हैं। यह स्थिति वोक्सवैगन के लिए वित्तीय रूप से हानिकारक साबित हो सकती है, क्योंकि नियमों का उल्लंघन करने पर अरबों डॉलर का जुर्माना लगाया जा सकता है। कंपनी की सहायक कंपनी, पोर्श, के लिए एक संभावित समाधान तलाशा जा रहा है जिसमें चीनी भागीदारी शामिल हो सकती है। यह साझेदारी पोर्श को उत्सर्जन नियमों का पालन करने और जुर्माने से बचने में मदद कर सकती है। यूरोपीय संघ उत्सर्जन मानकों को लेकर सख्त रुख अपना रहा है और वाहन निर्माताओं पर इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री बढ़ाने का दबाव डाल रहा है। इस मामले में वोक्सवैगन की विफलता से कंपनी और पूरे ऑटो उद्योग के लिए महत्वपूर्ण परिणाम हो सकते हैं।