हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो, जिसमें पेरिस में चैंपियंस लीग फाइनल के बाद हिंसा दिखाई दे रही थी, गलत साबित हुआ है। यह वीडियो, जिसे कई प्रकाशनों ने आर्सेनल के खिलाफ पीएसजी की जीत के बाद पेरिस में हुई अशांति का बताया था, वास्तव में पेरिस में शूट नहीं किया गया था। जांच में पाया गया कि यह वीडियो किसी अन्य घटना का है और इसे गलत संदर्भ में इस्तेमाल किया गया है। सोशल मीडिया पर फैली यह जानकारी भ्रामक है। अधिकारियों ने इस तरह की गलत सूचनाओं के प्रसार के खिलाफ चेतावनी जारी की है। यह घटना सोशल मीडिया पर गलत सूचना के प्रसार और उसकी जांच की आवश्यकता को उजागर करती है। जनता से अनुरोध है कि वे किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच कर लें।
