वाइकिंग माइंस ने नेवाडा स्थित लिंक परियोजना में अयस्क छंटाई तकनीक में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। कंपनी ने सेंसर आधारित तकनीक का उपयोग करके टंगस्टन युक्त अयस्क की गुणवत्ता में सुधार किया है। इस प्रक्रिया से बेकार चट्टानों को अलग करने में भी सफलता मिली है, जिससे अयस्क की शुद्धता बढ़ेगी। यह तकनीक टंगस्टन उत्पादन की लागत को कम करने और दक्षता बढ़ाने में सहायक होगी। वाइकिंग माइंस का दावा है कि यह सफलता परियोजना की आर्थिक व्यवहार्यता को मजबूत करती है। कंपनी अब इस तकनीक को और विकसित करने और उत्पादन प्रक्रिया में एकीकृत करने की योजना बना रही है। यह खोज नेवाडा में टंगस्टन खनन उद्योग के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
