उप प्रधानमंत्री हो क्वाक डुंग के अनुसार, उत्पादकता बढ़ाने के प्रयासों को आंदोलन-आधारित दृष्टिकोण से हटकर गहन और वास्तविक परिवर्तन की ओर ले जाना चाहिए। इस परिवर्तन में विज्ञान और प्रौद्योगिकी को मुख्य प्रेरक शक्ति के रूप में स्थापित करना आवश्यक है। उन्होंने जोर दिया कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी को केवल समर्थन देने वाला कारक नहीं, बल्कि नई उत्पादकता का वास्तविक स्रोत बनना चाहिए। यह दृष्टिकोण आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और देश की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। डुंग ने वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी नवाचार में निरंतर निवेश की आवश्यकता पर भी बल दिया। उनका मानना है कि इससे उद्योगों में दक्षता बढ़ेगी और जीवन स्तर में सुधार होगा। इस बदलाव से देश को वैश्विक स्तर पर मजबूत स्थिति प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

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