हाल के दिनों में, विभिन्न प्रकार के फल स्थानीय बाजारों में काफी कम दामों पर बिक रहे हैं। वहीं, फलों का निर्यात मूल्य अभी भी अच्छा बना हुआ है और निर्यात की मात्रा में भी वृद्धि हो रही है। यह स्थिति बाजार में एक विरोधाभास पैदा कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू मांग में कमी और आपूर्ति श्रृंखला में दक्षता के कारण स्थानीय कीमतें गिरी हैं। दूसरी ओर, अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में उच्च मांग के कारण निर्यात में वृद्धि हो रही है। यह स्थिति किसानों के लिए चिंता का विषय हो सकती है, जिन्हें स्थानीय बाजार में कम मूल्य मिल रहे हैं जबकि निर्यात बाजार में बेहतर मूल्य प्राप्त हो रहे हैं। सरकार इस स्थिति को सुधारने के लिए उचित कदम उठाने पर विचार कर सकती है।