पर्यटन आवास क्षेत्र में वर्तमान में विनियमन की कमी देखी जा रही है, विशेष रूप से उन परियोजनाओं में जहाँ डेवलपर लाभ की गारंटी देते हैं या संपत्ति किराए पर लेने का वादा करते हैं। निर्माण मंत्रालय ने स्वीकार किया है कि इस क्षेत्र में मौजूदा प्रबंधन तंत्र अपर्याप्त है। मंत्रालय अब व्यवसायों द्वारा किए गए वादों की निगरानी बढ़ाने की योजना बना रहा है। यह कदम निवेशकों के हितों की रक्षा और बाजार में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि पर्यटन आवास क्षेत्र में अधिक जवाबदेही और स्थिरता लाई जाए। इस विनियमन से निवेशकों को बेहतर सुरक्षा मिल सकेगी और बाजार में विश्वास बढ़ेगा। यह पहल क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास को बढ़ावा देने में भी सहायक होगी।
