हाल ही में, कई बैंकों के कर्मचारी सक्रिय रूप से धन जमा करने वाले ग्राहकों की तलाश कर रहे हैं, सोशल मीडिया पर विज्ञापन देने से लेकर रिश्तेदारों से मदद मांगने तक का प्रयास कर रहे हैं। इसके साथ ही, बैंक बॉन्ड जारी करने और विदेशी ऋण लेने के माध्यम से भी धन जुटाने की गति बढ़ा रहे हैं। यह स्थिति बैंकों में पूंजी की कमी को दर्शाती है, जिसके कारण वे जमा राशि बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि यह प्रवृत्ति अर्थव्यवस्था में तरलता की कमी का संकेत हो सकती है। बैंकों द्वारा उठाए जा रहे ये कदम उनकी वित्तीय स्थिति को मजबूत करने और ऋण देने की क्षमता बनाए रखने के उद्देश्य से हैं। इस समस्या से निपटने के लिए, बैंकों को विविध स्रोतों से पूंजी जुटाने की आवश्यकता है।