पूर्व प्रधानमंत्री आनंद पन्याराचुन ने मंगलवार को कहा कि उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री सिसाक फुंगकेटकेओ के नेतृत्व में थाई कूटनीति और अंतर्राष्ट्रीय मंच पर देश की प्रतिष्ठा वापस लौट आएगी। उन्होंने दशकों से खोई हुई अपनी स्थिति को पुनः प्राप्त करने की संभावना व्यक्त की। पन्याराचुन ने थाईलैंड को एक मध्यम शक्ति बताते हुए, अपनी क्षमताओं को प्रदर्शित करने पर जोर दिया। उनका मानना है कि थाईलैंड को अपनी विदेश नीति में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने देश के अंतर्राष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। यह बयान थाईलैंड की विदेश नीति के भविष्य और क्षेत्रीय भूमिका के बारे में महत्वपूर्ण है। पन्याराचुन के इस वक्तव्य से थाई कूटनीति में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है।