लम क्वोक दुंग, जिन्हें 'दूँग राऊ' के नाम से जाना जाता है, ने 1968 के माऊ थान अभियान के दौरान साइगॉन के गुप्तचर बलों के लिए जाली दस्तावेज़ बनाए। उन्होंने राजधानी में घुसपैठ करने वाले बलों के लिए महत्वपूर्ण सहायता प्रदान की। यह अभियान वियतनाम युद्ध के निर्णायक क्षणों में से एक था। दुंग ने बताया कि कैसे उन्होंने गुप्त रूप से दस्तावेज़ बनाए और वितरित किए, जिससे साइगॉन में गुप्तचरों को अपनी गतिविधियों को अंजाम देने में मदद मिली। उनका योगदान युद्ध के दौरान साइगॉन में चल रहे प्रतिरोध का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था। यह खुलासा वियतनाम के इतिहास के उस महत्वपूर्ण दौर पर प्रकाश डालता है। दुंग की कहानी युद्ध के दौरान जोखिम और समर्पण की याद दिलाती है।