बर्नार्ड लेकोम्त, जिन्होंने तीस वर्षों से अधिक समय तक क्रेमलिन और सोवियत गणराज्यों को कवर किया है, ने एक महत्वपूर्ण दस्तावेजी पुस्तक लिखी है। यह पुस्तक उनके अनुभवों और अवलोकनों का संकलन है। लेकोम्त का कहना है कि रूस में झूठ बोलना पाप नहीं माना जाता, बल्कि यह जीवन रक्षा की एक शर्त है। उन्होंने सोवियत गणराज्यों और क्रेमलिन के भीतर की जटिलताओं और चुनौतियों का वर्णन किया है। यह पुस्तक रूसी समाज और राजनीति की गहरी समझ प्रदान करती है। लेकोम्त के पत्रकारिता करियर और रूस में उनके अनुभवों का यह एक महत्वपूर्ण लेखा-जोखा है। यह पुस्तक पाठकों को रूस के इतिहास और संस्कृति के बारे में बहुमूल्य अंतर्दृष्टि प्रदान करती है।