वरिष्ठ पत्रकार निसिम मशाल ने ‘यशर!’ पार्टी के अध्यक्ष के सार्वजनिक टेलीविजन बहस के प्रस्ताव के बाद, 1999 की एक ऐतिहासिक घटना को याद किया। उन्होंने अनुमान लगाया कि बेंजामिन नेतन्याहू ने फैसला कर लिया है कि ऐसा दोबारा नहीं होने दिया जाएगा। मशाल का मानना है कि नेतन्याहू अभी भी उस पुरानी घटना से उबर नहीं पाए हैं और उसी वजह से वह किसी भी सार्वजनिक बहस में शामिल होने से हिचकिचाते हैं। यह घटना नेतन्याहू के राजनीतिक जीवन पर एक गहरा प्रभाव डालती है और उनकी भविष्य की रणनीतियों को प्रभावित कर सकती है। यह खुलासा इजराइल की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बहस का विषय बन सकता है। ‘यशर!’ पार्टी के अध्यक्ष द्वारा बहस के प्रस्ताव के बाद यह टिप्पणी महत्वपूर्ण है।