४० वर्ष और १२ दिन की आयु में वोजिनिया ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। वह अपने देश की ओर से विश्व कप का पहला मैच खेलने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए हैं। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने खेल जगत में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। यह रिकॉर्ड उनकी फिटनेस और खेल के प्रति समर्पण को दर्शाता है। एक अनुभवी गोलकीपर के रूप में उनकी भूमिका टीम के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस ऐतिहासिक क्षण ने खेल प्रेमियों का ध्यान आकर्षित किया है। वोजिनिया का यह सफर आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायक है।
