विराजुरी समुदाय के सदस्य विक्टर बार्टली को उनकी सैन्य सेवा के लिए मान्यता मिलने में 16 साल लग गए। 55 साल बाद घर लौटने के बाद, एक चैरिटी संस्था ने उन्हें खोज निकाला और उनके योगदान के लिए आभार व्यक्त किया। बार्टली ने इस अप्रत्याशित सम्मान को पाकर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए 'बहुत सुखद' अनुभव रहा। यह घटना सैन्य सेवा के लिए मान्यता प्राप्त करने में होने वाली देरी और दिग्गजों के प्रति सम्मान के महत्व को उजागर करती है। चैरिटी संस्था का यह प्रयास बार्टली जैसे अनगिनत सैनिकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक उदाहरण है। इस पहल से अन्य दिग्गजों को भी प्रेरणा मिल सकती है।