उत्तरी यूरोप के एक प्रसिद्ध स्तंभकार ने ‘वरिष्ठ’ शब्द के उपयोग को समाप्त करने का आह्वान किया है। उनका मानना है कि यह शब्द अब प्रासंगिक नहीं है और इसकी जगह अन्य उपयुक्त शब्दों का प्रयोग किया जाना चाहिए। स्तंभकार वर्तमान में मीडिया जगत में हो रहे परिवर्तनों से अवगत हैं और स्वीकार करते हैं कि समय तेज़ी से बदल रहा है। हालांकि, वे फुटबॉल विश्व कप का आनंद लेने में सुकून पाते हैं। उनका कहना है कि विश्व कप उन्हें वर्तमान चुनौतियों से ध्यान भटकाने में मदद करता है। यह टिप्पणी एक हल्के-फुल्के अंदाज़ में लिखी गई है, लेकिन यह एक महत्वपूर्ण सामाजिक बहस को जन्म देती है। स्तंभकार का मानना है कि भाषा को समय के साथ विकसित होना चाहिए।
