कांगो के राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के कोच के रूप में क्लाउड ले रॉय की नियुक्ति पर सवाल उठ रहे हैं। पूर्व खिलाड़ी मार्टिन कामुस मिंब ने इस फैसले को ‘हास्यास्पद’ बताया है। मिंब का कहना है कि ले रॉय के पास शायद एक अच्छे सलाहकार बनने की क्षमता है, लेकिन अब उनमें शारीरिक क्षमताएं नहीं बची हैं जो एक कोच के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने ले रॉय की नियुक्ति को लेकर अपनी निराशा व्यक्त की है और इस फैसले के पीछे के कारणों पर संदेह जताया है। यह नियुक्ति कांगो के फुटबॉल जगत में बहस का विषय बन गई है। मिंब ने इस नियुक्ति पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है, जिससे इस मुद्दे पर और अधिक ध्यान केंद्रित हुआ है। फिलहाल, यह देखना होगा कि ले रॉय इस चुनौती का सामना कैसे करते हैं और टीम को कैसे आगे बढ़ाते हैं।