मार्ग्रेथे वेस्टैगर ने यूरोपीय संघ में ब्रिटेन की अनुपस्थिति और उनके कार्य करने के तरीके की कमी पर जोर दिया है। उनका मानना है कि यूरोपीय संघ के शीर्ष अधिकारी अब व्यवसाय चलाने के बजाय सरकारी सहायता पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। वेस्टैगर के अनुसार, ब्रिटिश दृष्टिकोण हमेशा परिणामों और काम को पूरा करने पर केंद्रित रहता था। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि वर्तमान यूरोपीय नेतृत्व में उस व्यावहारिक ऊर्जा की कमी है जो फ्रांस और जर्मनी जैसे देशों को एकजुट कर सके। उनके अनुसार, ब्रिटेन कभी भी केवल सब्सिडी या सहायता पर निर्भर नहीं रहता था। यह बयान यूरोपीय संघ के भीतर आर्थिक और रणनीतिक दिशा के प्रति एक आलोचनात्मक दृष्टिकोण को दर्शाता है। वेस्टैगर ने संकेत दिया कि ब्रिटेन की यह कार्यशैली यूरोपीय संघ के लिए एक महत्वपूर्ण कमी है।
