वेनिस आयोग ने न्यायिक अकादमी कानून के प्रस्ताव पर अपनी राय दी है। आयोग ने सिफारिश की है कि मंत्री और मंत्रालय के प्रतिनिधियों को न्यायिक अकादमी की परिषद से हटाया जाना चाहिए। आयोग का मानना है कि अकादमी को स्वायत्तता दी जानी चाहिए और राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त रखा जाना चाहिए। यह सिफारिशें अकादमी की स्वतंत्रता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई हैं। आयोग ने अकादमी के एकमात्र प्रशिक्षण संस्थान होने के प्रस्ताव को स्वीकार किया है। इस कदम से न्यायिक प्रणाली में सुधार और पारदर्शिता लाने में मदद मिलेगी। आयोग की राय सदस्य देशों के लिए मार्गदर्शन का काम करेगी।
