वेनेज़ुएला में ‘21वीं सदी के क्रांतिकारी’ शासन (1999-2026) के दौरान संस्थागत पतन की गंभीर स्थिति देखी गई है। पत्रकार जेसुस एलोर्ज़ा के अनुसार, सार्वजनिक नैतिकता का ह्रास इस शासनकाल की एक प्रमुख विशेषता रही है। यह भ्रष्टाचार पिछले 27 वर्षों से पनप रहा है और इसने देश की संस्थाओं को गहराई से प्रभावित किया है। यह स्थिति शासन के दौरान लगातार बनी रही और इसने पारदर्शिता और जवाबदेही को कमजोर किया। एलोर्ज़ा का लेख इस लंबे समय से चल रहे भ्रष्टाचार और संस्थाओं के क्षरण पर प्रकाश डालता है। यह लेख ‘टैलक्वाल’ नामक प्रकाशन में प्रकाशित हुआ है, जो वेनेज़ुएला की राजनीतिक स्थिति पर टिप्पणी करता है। यह स्थिति देश के भविष्य के लिए चिंताजनक है।