वेनेज़ुएला में पीdvसा-क्रिप्टो मामले की सुनवाई तीन साल की देरी के बाद शुरू हुई है। इस मामले में पूर्व मंत्री तारेक एल आइसामी और अन्य पूर्व सरकारी अधिकारियों पर आरोप हैं। बचाव पक्ष और मानवाधिकार विशेषज्ञ न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को लेकर चिंतित हैं। उन पर आरोप है कि अभियुक्तों को अलग-थलग रखा गया है और उन्हें प्रताड़ित किया गया है। जब्त की गई संपत्तियों के प्रबंधन में भी अनियमितताएँ बताई जा रही हैं। यह मामला वेनेज़ुएला की न्याय प्रणाली में राजनीतिक प्रभाव और पारदर्शिता की कमी को उजागर करता है। मामले की आगे की सुनवाई से महत्वपूर्ण खुलासे होने की उम्मीद है।