अमेरिका और वेनेजुएला के बीच हुए तेल समझौते के पीछे एक विवादास्पद व्यापारी, एलेजांद्रो बेटानकोर्ट का नाम सामने आया है। बेटानकोर्ट की संपत्ति के स्रोत और चाविज़वाद से उनके संबंधों को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। बावजूद इसके, वाशिंगटन ने उनसे ही 17 तेल क्षेत्रों के दोहन का अधिकार दिया है। यह अधिकार उन्हें डेल्सी रोड्रिगेज की अंतरिम सरकार के साथ हुए समझौते के तहत मिला है। बेटानकोर्ट को अक्सर 'बोलिचिको' के नाम से जाना जाता है, जिससे उनकी जीवनशैली और व्यापारिक गतिविधियों को लेकर विवाद जुड़ा हुआ है। इस नियुक्ति ने कई लोगों को आश्चर्यचकित किया है, जो उनकी पृष्ठभूमि को देखते हुए इस फैसले पर सवाल उठा रहे हैं। यह सौदा वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है, लेकिन बेटानकोर्ट की भूमिका पर उठते सवाल इस समझौते की वैधता पर भी संदेह पैदा करते हैं।