वेनेजुएला के विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों ने सभी राजनीतिक कैदियों की रिहाई की मांग की है। उन्होंने ‘घृणा विरोधी कानून’ और गैर-सरकारी संगठनों के वित्तपोषण पर कानून जैसे दमनकारी और अलोकतांत्रिक कानूनों को निरस्त करने का भी आग्रह किया है। प्रोफेसरों का कहना है कि लोकतंत्र को बहाल करने के लिए तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है, क्योंकि स्थिति गंभीर होती जा रही है। यह विरोध ‘समय नहीं है गंवाने का’ शीर्षक के तहत आयोजित किया गया था, जो स्थिति की तात्कालिकता को दर्शाता है। उनका मानना है कि इन कानूनों का उपयोग असंतोष को दबाने और नागरिक समाज को नियंत्रित करने के लिए किया जा रहा है। प्रोफेसरों ने सरकार से सार्थक संवाद में शामिल होने और लोकतांत्रिक सिद्धांतों का सम्मान करने का आह्वान किया है। वे देश में राजनीतिक स्वतंत्रता और मानवाधिकारों की बहाली के लिए प्रतिबद्ध हैं।