इतिहासकार मार्गरीटा लोपेज़ माया ने चेतावनी दी है कि चाविज़्म द्वारा वार्ता तालिका में प्रदर्शित कथित 'खुली मानसिकता' की स्थिरता की कोई गारंटी नहीं है। उन्होंने 'टालकुअल' कार्यक्रम 'नोचे डी' के साथ एक साक्षात्कार में यह बात कही। लोपेज़ माया का मानना ​​है कि इस तरह के दृष्टिकोण को लंबे समय तक बनाए रखना मुश्किल है। उन्होंने चाविज़्म के पिछले व्यवहार और राजनीतिक परिदृश्य की अस्थिरता को देखते हुए संदेह व्यक्त किया। उनका कहना है कि ये संकेत वास्तविक परिवर्तन के बजाय रणनीतिक पैंतरेबाज़ी हो सकते हैं। लोपेज़ माया ने राजनीतिक वार्ता पर सावधानी बरतने और भविष्य के घटनाक्रमों पर ध्यान रखने की सलाह दी है। कुल मिलाकर, वे चाविज़्म की इस नई 'खुली मानसिकता' को लेकर आशंकित हैं।