संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में वेनेज़ुएला की प्रतिनिधि, मारिसेला डेल वैले Rojas Garmendia ने कहा है कि आठ मिलियन से अधिक वेनेज़ुएला नागरिकों के जबरन पलायन के लिए उनकी सरकार ज़िम्मेदार नहीं है। सरकार का कहना है कि यह पलायन "बाहरी कारकों" के कारण हुआ है। इस बयान से वेनेज़ुएला में जारी मानवीय संकट और राजनीतिक अस्थिरता के बीच एक नई बहस छिड़ सकती है। विपक्ष और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने पहले ही सरकार की नीतियों को इस पलायन का मुख्य कारण बताया है। संयुक्त राष्ट्र और अन्य मानवाधिकार संगठन वेनेज़ुएला की स्थिति पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं। इस मुद्दे पर आगे भी चर्चा होने की संभावना है, क्योंकि पलायन की समस्या लगातार बनी हुई है और प्रभावित लोगों की संख्या बढ़ रही है। सरकार के इस रुख से प्रभावित लोगों और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में निराशा व्यक्त की जा सकती है।