राष्ट्रीय सभा के 2015 के प्रतिनिधिमंडल ने भूकंप पीड़ितों को आपातकालीन सहायता सुनिश्चित करने के लिए वित्तीय संस्थानों को शामिल करने पर सहमति व्यक्त की है। यह निर्णय सहायता राशि के वितरण में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से लिया गया है। इसके अतिरिक्त, न्यायिक शाखा के पुनर्निर्माण और सुधार को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। इस पहल का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि सहायता जरूरतमंदों तक बिना किसी बाधा के पहुंचे। निजी बैंकों की भागीदारी से धन के प्रबंधन में अधिक जवाबदेही आने की उम्मीद है। यह कदम सरकार की पुनर्वास और पुनर्निर्माण योजनाओं को गति प्रदान करेगा। वार्ता मंच सभी हितधारकों को एक साथ लाकर राहत कार्यों को प्रभावी बनाने का प्रयास कर रहा है।