वेटिकन ने डॉन मासیمو बियांकालानी को उनके पद से हटा दिया है, और उनकी अपीलें खारिज कर दी गई हैं। उन्हें पहले भी विकोफारो से हटा दिया गया था, और अब रामिनी से भी विदा लेनी होगी। बियांकालानी, जिन्हें "प्रवासी पुजारी" के रूप में जाना जाता है, के लिए यह एक बड़ा झटका है। वेटिकन ने उन्हें अब एक "कार्यालय" में भूमिका निभाने के लिए कहा है, जो प्रभावी रूप से एक पदावनति है। यह निर्णय उनकी प्रवासी समर्थक गतिविधियों और उसके आसपास के विवादों के बाद लिया गया है। इस मामले ने इतालवी मीडिया में काफी ध्यान आकर्षित किया है, और धार्मिक हलकों में बहस छिड़ गई है। यह स्पष्ट नहीं है कि बियांकालानी इस नए असाइनमेंट को स्वीकार करेंगे या नहीं।