वाशिंगटन डी.सी. में लिंकन मेमोरियल के रिफ्लेक्टिंग पूल में हुई क्षति के मामले में चार लोगों पर बर्बरता का आरोप लगाया गया था, लेकिन हाल ही में उन आरोपों को खारिज कर दिया गया है। इस मामले ने पूरे गर्मियों में ध्यान आकर्षित किया, क्योंकि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प लगातार दावा कर रहे थे कि रिफ्लेक्टिंग पूल की क्षति बर्बरता के कारण हुई थी। ट्रम्प का यह दावा मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद पूल में पाई गई क्षति पर आधारित था। हालाँकि, अब आरोपों के खारिज होने से ट्रम्प के आरोपों पर सवाल उठ रहे हैं। पीड़ित व्यक्ति ने इस अनुभव को "बहुत डरावना" बताया है। यह घटना अमेरिकी राजनीति में गलत सूचना और आरोपों के प्रभाव को उजागर करती है। इस मामले की जांच में आगे क्या निकलकर आता है, यह देखना दिलचस्प होगा।