हॉलीवुड फिल्म ‘वैम्पायर्स सक’ 2010 के दशक की उन कई पैरोडी फिल्मों में से एक थी जो दर्शकों को प्रभावित करने में विफल रही। यह फिल्म, जो वैम्पायर शैली का मज़ाक उड़ाने का प्रयास करती थी, अपनी रिलीज़ के बाद आलोचना का शिकार हुई। समीक्षकों और दर्शकों दोनों ने ही फिल्म की कहानी, अभिनय और निर्देशन को कमज़ोर पाया। माना जाता है कि फिल्म की कमजोर पटकथा और हास्य की कमी इसके असफल होने का मुख्य कारण थी। ‘वैम्पायर्स सक’ उस समय की अन्य सफल पैरोडी फिल्मों की तुलना में अपनी छाप छोड़ने में नाकाम रही। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर भी सफल नहीं हो पाई, जिससे निर्माताओं को निराशा हुई।