वाल्जेवो शहर में एक कैफ़े के विध्वंस के बाद हुए विरोध प्रदर्शनों पर पुलिस की कथित निष्क्रियता की वर्षगांठ नजदीक आने पर छात्र और नागरिक एकजुट हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर 13 अगस्त को हिंसा नहीं हुई होती, तो 14 तारीख की घटना नहीं घटती। यह विरोध प्रदर्शन विध्वंस की घटना के विरोध में आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने शुरुआती विध्वंस के दौरान हस्तक्षेप नहीं किया, जिससे बाद में स्थिति और बिगड़ गई। वे इस घटना को ‘वाल्जेवो याद रखेगा’ के नारे के साथ याद कर रहे हैं। यह घटना शहर में पुलिस की भूमिका और सार्वजनिक विरोध के जवाब पर सवाल उठाती है। छात्रों और नागरिकों का मानना है कि यह घटना अन्याय का प्रतीक है और इसके लिए जवाबदेही तय की जानी चाहिए।