अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका नॉर्वे को यह बात कभी नहीं भूलेगा कि उसे नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिला। उन्होंने दक्षिण अफ्रीकी वकील और पूर्व अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) और रवांडा अंतर्राष्ट्रीय न्यायाधिकरण (ICTR) न्यायाधीश नवनेटम "नावी" पिल्लै को पुरस्कार देने के फैसले को "घृणित और शर्मनाक" बताया है। ट्रम्प ने इस फैसले पर अपनी नाराजगी व्यक्त की और कहा कि यह अमेरिका के लिए अपमानजनक है। उन्होंने नॉर्वे पर राजनीतिक कारणों से प्रेरित होकर यह फैसला लेने का आरोप लगाया। इस प्रतिक्रिया से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने की संभावना है। ट्रम्प प्रशासन पहले भी कई मौकों पर अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों और संस्थानों की आलोचना कर चुका है। यह बयान अमेरिका और नॉर्वे के बीच संबंधों में एक नया मोड़ लेकर आया है।