अमेरिका और वेनेज़ुएला के बीच तेल समझौते में कई विरोधाभास और अस्पष्टताएं सामने आ रही हैं। व्हाइट हाउस और मिराफ्लोरेस (Miraflores) के बीच इस बात को लेकर मतभेद हैं कि समझौते पर किसने हस्ताक्षर किए थे। समझौते की सदस्यता की तारीखों पर भी संदेह जताया जा रहा है। एक विवादास्पद व्यवसायी को अचानक राजनीतिक रूप से ‘सफ़ेद’ कर दिया गया है, जिससे स्थिति और जटिल हो गई है। इस ‘ऐतिहासिक समझौते’ की घोषणा तेल के दोहन के लिए की गई थी, लेकिन इसमें कई सवाल उठ रहे हैं। यह समझौता कई विवादों से घिरा हुआ है और इसकी पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। इन मुद्दों के कारण समझौते के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।