अमेरिकी खुफिया एजेंसी ने ईरान के परमाणु वार्ताकारों को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का समर्थन जानने के लिए एक गुप्त चैनल स्थापित किया। पूर्व खुफिया अधिकारी तुलसी गबार्ड ने मई में एक शीर्ष इराकी कुर्दिश अधिकारी से संपर्क किया ताकि IRGC की स्थिति का पता लगाया जा सके। इस पहल का उद्देश्य ईरान के साथ चल रही बातचीत के बारे में खुफिया जानकारी हासिल करना था। रिपोर्टों के अनुसार, IRGC ईरान के वार्ताकारों का समर्थन करता है। इस बीच, ईरान ने अमेरिकी सैनिकों के लिए 30,000 डॉलर का इनाम घोषित किया है। यह घटना अमेरिका और ईरान के बीच तनावपूर्ण संबंधों के बीच हुई है, खासकर परमाणु समझौते को लेकर। यह खुलासा अमेरिका की ईरान के साथ बातचीत की जटिलताओं और उसके खुफिया तंत्र को दर्शाता है।