अप्रैल महीने में देश में बेरोजगारी दर फिर से तीन प्रतिशत पर पहुँच गई है। यह दर पिछले महीने की तुलना में 0.1 प्रतिशत अधिक है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह वृद्धि रोजगार बाजार में मामूली बदलाव को दर्शाती है। यह दर अक्टूबर 2025 में दर्ज किए गए स्तर के समान है। सरकार का कहना है कि वे रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले महीनों में बेरोजगारी दर में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। यह आंकड़ा श्रम बाजार की स्थिति का महत्वपूर्ण संकेत है।