दो दशकों के बाद, अमेरिकी बल आखिरकार इराक से बाहर निकल गए हैं, जो इराकी लोगों के बीच व्यापक रूप से लोकप्रिय है। हालाँकि, ईरान समर्थित समूहों की ताकत को लेकर चिंतित लोगों को डर है कि यह वापसी जल्दबाजी में की गई है। यह कदम इराक में ईरान के प्रभाव को बढ़ाने का अवसर प्रदान कर सकता है। इराकी जनता अमेरिकी सैनिकों की उपस्थिति के अंत का स्वागत करती है, लेकिन सुरक्षा स्थिति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। विश्लेषकों का मानना है कि इराक अब क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्विता के लिए एक नया मैदान बन सकता है। यह देखना बाकी है कि इराक की सरकार इस नई स्थिति को कैसे संभालेगी और देश की स्थिरता सुनिश्चित करेगी। इस वापसी से इराक की राजनीतिक और सुरक्षा परिदृश्य में महत्वपूर्ण बदलाव आने की संभावना है।