इराक में एक दशक से अधिक समय से तैनात अमेरिकी नेतृत्व वाले गठबंधन ने बुधवार को अपना मिशन समाप्त कर दिया। इस कदम का इराक के नेताओं ने स्वागत किया है, लेकिन कुछ लोगों को डर है कि इससे ईरान समर्थक सशस्त्र गुटों को बढ़ावा मिलेगा। फ्रांस 24 की एंजेला डिफ्ले इराक के सामने आने वाली सुरक्षा चुनौतियों और अमेरिका द्वारा सैनिकों को वापस लेने के इस समय का विश्लेषण करती हैं। यह वापसी इराक की संप्रभुता को मजबूत करने की दिशा में एक कदम है, लेकिन साथ ही देश में सुरक्षा स्थिति को लेकर चिंताएं भी बढ़ गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी सैनिकों की अनुपस्थिति ईरान समर्थित समूहों को अधिक सक्रिय कर सकती है। इराक सरकार को अब अपनी सुरक्षा के लिए पूरी तरह से आत्मनिर्भर होने की चुनौती का सामना करना पड़ेगा। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि भविष्य में इराक की सुरक्षा स्थिति कैसे विकसित होती है।