ईरान और अमेरिका के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है, जिसके तहत अमेरिका 12 अरब डॉलर की जमे हुई ईरानी धनराशि जारी करेगा। यह जानकारी ईरान के प्रमुख वार्ताकार मोहम्मद बाकर गलीबाफ ने दी है। यह कदम अमेरिका द्वारा कुछ प्रतिबंधों में अस्थायी ढील देने के बाद उठाया गया है। इस धनराशि को दक्षिण कोरिया में जमा किया गया था और अब इसे ईरान को हस्तांतरित किया जाएगा। माना जा रहा है कि यह समझौता दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। हालांकि, अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि यह धनराशि केवल मानवीय सहायता और गैर-सैन्य उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल की जाएगी। इस समझौते से ईरान की अर्थव्यवस्था को कुछ हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।