अमेरिकी सीनेटर जे.डी. Vance ने दावा किया है कि ईरान और अमेरिका के बीच एक समझौता हुआ है जिसके तहत अमेरिका, ईरान को उसके उच्च समृद्ध यूरेनियम भंडार को नष्ट करने में मदद करेगा। यह घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा सोमवार को की गई थी। समझौते के विवरण अभी पूरी तरह से सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, लेकिन Vance के अनुसार, इसका उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करना है। इस कदम से क्षेत्रीय स्थिरता पर संभावित प्रभाव को लेकर विशेषज्ञों के बीच बहस छिड़ गई है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह ईरान के परमाणु महत्वाकांक्षाओं को रोकने का एक महत्वपूर्ण कदम है, जबकि अन्य इस समझौते की दीर्घकालिक प्रभावशीलता पर संदेह व्यक्त करते हैं। फिलहाल, समझौते के कार्यान्वयन और इसके परिणामों पर करीबी नजर रखी जा रही है। इस मामले में आगे की जानकारी आने की प्रतीक्षा है।
