अमेरिकी रक्षा मंत्री ने नाटो सहयोगियों को रक्षा खर्च बढ़ाने के लिए कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि नाटो सदस्य देशों ने अपने रक्षा बजट में वृद्धि नहीं की, तो अमेरिका यूरोप में अपनी सैन्य उपस्थिति पर पुनर्विचार कर सकता है। इसके साथ ही, अमेरिका नाटो के बजट में अपना योगदान भी कम करने पर विचार कर रहा है। यह बयान नाटो देशों पर रक्षा खर्च को लेकर बढ़ते अमेरिकी दबाव को दर्शाता है। अमेरिका का मानना है कि सभी सदस्य देशों को अपनी सुरक्षा के लिए अधिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए। इस घोषणा से नाटो के भीतर तनाव बढ़ने की आशंका है, क्योंकि कई यूरोपीय देश पहले से ही आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। यह स्थिति नाटो की एकजुटता और भविष्य की रणनीति पर भी प्रभाव डाल सकती है।