अमेरिकी सरकार ने दक्षिण प्रशांत महासागर में एक दूरस्थ द्वीप पर फंसे एक अमेरिकी पर्यटक को बचाने के लिए 750,000 अमेरिकी डॉलर (लगभग 20 अरब डोंग) खर्च किए। राष्ट्रपति ट्रम्प प्रशासन ने इस बचाव अभियान के लिए एक निजी नौका किराए पर ली थी। यह घटनाक्रम तब सामने आया जब पर्यटक द्वीप पर अकेले फंस गया था और उसे तत्काल सहायता की आवश्यकता थी। इस बचाव अभियान पर इतना अधिक धन खर्च होने से सवाल उठ रहे हैं। सरकारी अधिकारियों ने बचाव अभियान की जटिलता और दूरस्थ स्थान को खर्च के औचित्य के रूप में बताया है। इस मामले ने सार्वजनिक धन के उपयोग पर बहस छेड़ दी है। यह घटना अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।