यूक्रेन के अनुसार, अमेरिका ने पाँच ईरानी टैंकरों पर हमला किया, जिनमें से तीन रूस के ‘शैडो फ्लीट’ से भी जुड़े थे। इन जहाजों का इस्तेमाल रूसी तेल ले जाने, रूसी बंदरगाहों पर रुकने, या प्रतिबंधों से बचने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले नेटवर्क के माध्यम से किया जाता था। यह कार्रवाई ईरानी तेल व्यापार और रूस की प्रतिबंधों से बचने की रणनीति पर सीधा प्रहार है। यूक्रेन का दावा है कि ये जहाज रूस को प्रतिबंधों से बचने में मदद कर रहे थे। इस हमले से ऊर्जा बाजारों पर असर पड़ सकता है और भू-राजनीतिक तनाव बढ़ सकता है। अमेरिका ने अभी तक इस हमले की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन यूक्रेन ने इसे रूसी ऊर्जा व्यापार को बाधित करने के प्रयासों के हिस्से के रूप में देखा है।