अमेरिका द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में लक्ष्यों पर बमबारी से मछुआरों का जीवन पूरी तरह से तबाह हो गया है। इस सैन्य कार्रवाई के कारण मछुआरों की आजीविका छिन गई है और वे आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। कई मछुआरे अब जीवित रहने के लिए जंगली सूअर का मांस खाने को मजबूर हैं, जो इस्लामी धर्म में हराम माना जाता है। इस स्थिति ने मछुआरों के समुदायों में भोजन और धर्म से जुड़ी गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। बमबारी के कारण समुद्री मार्ग असुरक्षित हो गया है, जिससे मछली पकड़ना मुश्किल हो गया है। यह क्षेत्र पहले से ही तनावग्रस्त था और इस कार्रवाई से स्थिति और भी खराब हो गई है। मछुआरों का कहना है कि पूरी समुद्री जलराशि अब उनके लिए असुरक्षित हो गई है।