ऊर्जा विशेषज्ञ फिलिप चार्लेज़ के अनुसार, मध्य पूर्व में अमेरिकी हमलों के फिर से शुरू होने से तेल बाजारों में अस्थिरता आ सकती है। उन्होंने बताया कि उपभोक्ता और देश धीरे-धीरे इस स्थिति के अनुकूल हो रहे हैं, फिर भी युद्ध का खतरा बना हुआ है। चार्लेज़ ने इस स्थिति को तेल बाजारों के लिए एक गंभीर खतरे के रूप में वर्णित किया है। उनका मानना है कि यह स्थिति तेल की कीमतों में वृद्धि का कारण बन सकती है। विशेषज्ञ का कहना है कि भू-राजनीतिक तनाव के कारण तेल बाजार संवेदनशील बना हुआ है। इस स्थिति में, वैश्विक अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। उपभोक्ताओं और देशों को तेल आपूर्ति में संभावित व्यवधानों के लिए तैयार रहना चाहिए।